Thursday, 26 May 2011

पप्पु के पापा की डिलीवरी हो गई.



         इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मनी लॉंड्रिंग मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव व सांसद अमर सिंह की याचिका खारिज कर, पप्पू के पापा की डिलीवरी का इंतजाम कर दिया है। f”kवाकान्त त्रिपाठी  की याचिका पर उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदे”kkलय को कई राज्यों में पaaaaaaaजीकृत कम्पनियों को लाभ पहुंचाने के मामलों की जांच करने का निर्दे”k दिया है। याचिका की सुनवाई की तिथी जुलाई के प्रथम सप्ताह में नियत करते हुए न्यायालय ने ईडी से एक माह के भीतर जांच की प्रगति रिiksZV पे”k करने के साथ ही स्वंय भी उपस्थित रहने को कहा है।
         उक्त आदे”k न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति एस.एस.तिवारी की खण्डपीठ ने अमर सिंह व f”koकान्त  त्रिपाठी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया। याचिका पर राम जेठमलानी और गोपाल चतुर्वेदी के अलावा राज्य सरकार के वकील डीआर चौधरी व अपर महाधिवक्ता ने भी अपना पक्ष रखा। याचिका के अनुसार व’kZ 2003 में जब प्रदे”k में मुलायम सिंह की सरकार थी, राज्य सरकार ने अमर सिंह को उ0प्र0विकास परि’kद कk चेयरमैन नियुक्त किया था।
      चेयरमैन पद पर रहते हुए अमर सिंह ने मेसर्स पंकजा आर्ट एण्ड क्रेडिट प्रा0लि0 तथा मेसर्स सर्वोत्तम कैप्स लि0 को सरकारी ठेके दिए तथा सरकार को करोड़ों का चूना लगाया। ज्ञात हो कि उक्त दोनों कम्पनियों के अधिकां”k ksयर अमर सिंह की पत्नी व फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन के पास हैं। अमर सिंह ने अपने नियन्त्रणाधीन छह कम्पनियों को वि”ks’k लाभ पहुंचाया जो कि किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न नहीं थीं] फिर भी इन कम्पनियों की सम्पत्ति 400 करोड़ तक पहुaaWWWWच गई। अमर सिंह के टेप से और ढ़ेर सारी कारिस्तानियों का पता चल सकता है एवं उसके आधार पर वि”ks’k जांच की कार्रवाई की जा सकती है।
         अमर सिंह ने कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा कराई जा रही जांच में वह दो’kh पाये जाते हैं तो कोई भी दण्ड भुगतने को तैयार हैं] वह कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपने ऊपर लगे आरोपों के सम्बन्ध में जांच के लिए वह dsUnªh;  वित्त मंत्री और कम्पनी मामलों के मंत्री को पहले ही पत्र लिख चुके हैं। लगता है अमर सिंह ऊर्फ पप्पू के पापा अभी भी इस न”ks में हैं कि अगर जांच में फंसे तब भी कोर्ट के आर्डर को दर-किनार कर सकते हैं। यह बात “kk;n उन्हें पहली बार समझ में आई है कि वे कानून से ऊपर नहीं हैं] वरना तो मुलायम राज में वह कानून को जेब में रखकर चलते थे। यदि वास्तव में वह अपनी सभी कम्पनियों की जांच के लिए भारत सरकार के मंत्रालयों को पत्र भेज चुके हैं तो इसे कोर्ट में अगली सुनवाई के समय पे”k करें तथा उसकी एक प्रति bl Cykx dks भी भेजने का क’V करें।
      वैसे उन्होने क्या गलत नहीं किया इसका अन्दाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी में रहते हुए पूरा समाजवाद लाने की कोf”k”k की। अमर सिंह ने पान की दुकान चलाने वाले  ट्रक ड्राइवर और घरेलू नौकरानी तक को कम्पनी का निदे”kक बना दिया वह भी उन्हेa बिना बताये। दरअसल वे उन्हें सरप्राइज देना चाहते थे। है ना बात समाजवाद की! और दूसरी कम्पनियाWa तो प्राइवेट लि0 और लिमिटेड कम्पनी में चेयरमैन रहे व्यक्ति को भी निदे”kक बनाने को तैयार नहीं हैं जबकि ऐसे चेयरमैन के पास बुद्वि है] विवेक है एवं सबसे बड़ी बात सामने वाले के समक्ष पे”k करने के लिए तार्किक kक्ति भी मौजूद है।
      ?kkटमपुर थाना क्षेत्र के आमौर निवासी पान विक्रेता दिलीप सिंह को भी अमर सिंह ने एक कम्पनी का डायरेक्टर बनाया हुआ था। जिन 23 लोगों ने अमर सिंह के खिलाफ हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है उसमें यह पान विक्रेता दिलीप सिंह भी है। गौर तलब यह है कि ना तो उसके पास पैन कार्ड है ना ही किसी खाते का वह संचालन करता है] फिर भी आरओसी ने उसे डायरेक्टर बनाने पर कोई आपत्ति नहीं की।
      दिलीप सिंह के अलावा हलफनामा देने वालों में अधिकाaZa”k कोलकाता के रहने वाले हैं। अधिवक्ता श्री त्रिपाठी ने कहा कि अब किसी भी समय अमर सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है। गिरफ्तार करके अमर सिंह को भी तिहाड़ जेल में करुणानिधि की आWख की पुतली कनिमोझी के साथ रख दिया जाये] जिससे वहां मौजूद अच्छी-अच्छी हस्तियों से देास्ती कर कुछ विकास की बात अमर सिंह कर सकते हैं।
      काने करुणानिधि की पुत्री कनिमोझी सजा काट रही हत्यारिन “kkरदा जैन] पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही पूर्व आईएफएस अधिकारी माधुरी गुप्ता]  सेक्स रैकेट चलाने वाली सोनू पंजाबन के साथ अमर सिंह अपनी “ks;रो- “kkयरी भी कर सकते हैं और किसी नई कम्पनी की नींव भी रख सकते हैं। सोनू पंजाबन तो अमर सिंह के लिए हजारों बिपा”kklq ले आयेगी]  बस फिर क्या है अमर चाचा के मजे ही मजे हैं।
      अमर सिंह को तिहाड़ में नीरा राडिया की जगह सोनू पंजाबन]  बरखा दत्त की जगह कनिमोझी मिलेंगीं और रतन टाटा एवं अनिल अम्बानी की जगह वह खुद हैं ही। फिर क्या कमी बची बस फटाफट एक कम्पनी बनायें और इन सबको रखने के बाद कम्पनी के प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई बिल आने से पहले “kqरु करा दें और उसका चेयरमैन बना दें अपने इण्डियन सरदार मनमोहन सिंह कोA पैसों की पूर्ति के लिए कुछ दिनों बाद आईएमएफ के चेयरमैन पद पर आहलूवालिया की नियुक्ति होने ही वाली है] फिर तो पैसों की बरसात ही बरसात है और अपने अमर सिंह की बल्ले-बल्ले। जय हो बिरला के दलाल की और जय कन्हैया लाल की।
सतीश प्रधान 

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